
<p style="text-align: justify;"><strong>Dawood Ibrahim Most Wanted Terrorist:</strong> 12 मार्च 1993 के मुंबई बम धामकों के बाद दाऊद इब्राहिम भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी बन गया. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसके गिरोह का इस्तेमाल करके मुंबई को दहलाया था और बदले में दाऊद को कराची में शरण दी थी. 28 साल बाद अब फिर एक बार आईएसआई ने अपनी आतंकी साजिश को अमली जामा पहनाने के लिये दाऊद (Dawood Ibrahim) गिरोह का इस्तेमाल किया लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसकी साजिश नाकाम कर दी.</p> <p style="text-align: justify;">अगर किसी खुफिया एजेंसी को किसी दूसरे देश में घातपात करना हो तो सबसे पहले उस देश के आपराधिक गिरोहों की पहचान की जाती है. ऐसे ग्रुप्स पता किये जाते हैं जिनका सरकार के साथ टकराव हो रहा हो. इस फार्मूले का शुरुवाती इस्तेमाल अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने किया. कॉल्ड वॉर के दौरान सीआईए और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की दोस्ती परवान चढी. सीआईए ने न केवल आईएसआई की आर्थिक मदद की बल्कि सीआईए के एजेंट आईएसआई के एजेंट्स को ट्रेनिंग भी देते थे. सीआईए से सीखे गुरों का इस्तेमाल आईएसआई ने भारत में अपनी साजिशों को अंजाम देने के लिये किया.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं आईएसआई की नजर में दाऊद इब्राहिम का गिरोह आया. दाऊद के पास सरकार से लड़ने का दुस्साहस भी था, लोग भी थे और स्मगलिंग के लिये इस्तेमाल किया जाने वाला चैनल भी था. दुबई में आईएसआई के एजेंटों ने दाऊद से संपर्क किया और मुंबई को दहलाने का फैसला हुआ. 12 मार्च 1993 की काली तारीख मुंबई कभी नहीं भूल सकती. एक के बाद एक 13 बम धमाकों ने शहर को दहला दिया था. 257 लोगों की जान गई थी और 750 लोग घायल हुए थे. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने उस साजिश को अंजाम देने लिए जो तरीका अपनाया था कुछ उसी पैटर्न पर दिल्ली पुलिस की ओर से नाकाम की गई साजिश भी अंजाम दी जाने वाली थी. 1993 और 2021 की साजिशों में कई समानताएं हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहली समानता- स्थानीय माफिया गिरोह का इस्तेमाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">12 मार्च 1993 के सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम देने के लिये आईएसआई ने पाकिस्तान से आरडीएक्स मुंबई के पास समुद्र तट पर भिजवाया. इसके लिये दाऊद के गुर्गे टाइगर मेमन के उस नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया जिससे वो सोने-चांदी की तस्करी किया करता था. जिन नौकाओं के जरिये बारूद को पाकिस्तान की ओर से भेजे गये जहाज से समुद्र तट तक लाया गया वो नौकाएं दाऊद फणसे नाम के टाइगर मेमन के एजेंट की थीं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूसरी समानता- पाकिस्तान में ट्रेनिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">1993 की साजिश को अंजाम देने के लिये दाऊद गिरोह के सदस्यों को खाड़ी देशों के रास्ते पाकिस्तान ले जाया गया था. वहां पाकिस्तानी फौज के अधिकारियों ने उन्हें बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी. दिल्ली पुलिस की ओर से पर्दाफाश की गई साजिश में भी यही बात सामने आई है. गिरफ्तार लोगों में से कुछ मस्कत के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे थे और उन्हें पाकिस्तानी फौजियों ने ट्रेनिंग दी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरी समानता- अनीस इब्राहिम</strong></p> <p style="text-align: justify;">12 मार्च 1993 बम धामकों की साजिश में दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम ने अहम भूमिका निभाई थी. सीबीआई की ओर से अदालत में दायर चार्जशीट के मुताबिक वो साजिश के लिये बुलाई गई कई मीटिंग में मौजूद था. इस बार एक बार फिर भारत में आतंकी वारदातों की साजिश रचने के लिये अनीस का नाम आ रहा है. दाऊद के 6 भाई थे लेकिन सभी 6 भाइयों में अनीस इब्राहिम ही ऐसा था जिसको दाऊद के गिरोह चलाने में रुचि थी. डी कंपनी में दाऊद के बाद नंबर दो वो ही था. वसूली के लिए धमकी भरे फोन करने से लेकर लोगों के झगड़े निपटाने के काम वो किया करता था.</p> <p style="text-align: justify;">साल 2003 में जब दाऊद के एक भाई इकबाल कास्कर को डीपोर्ट करके मुंबई लाया गया तब से दाऊद गिरोह ने मुंबई में एक भी गोली नहीं चलाई. ये माना जाने लगा था कि दाऊद ने भारत में अपनी गतिविधियां खत्म कर दीं हैं लेकिन इस घटना ने बता दिया है कि दाऊद बाज नहीं आया है और अब भी आईएसआई के इशारे पर भारत में दहशतगर्दी की फिराक में है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong><br /><strong><a title="Exclusive: प्रयागराज में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी के घर पर खड़ी है बिना नंबर प्लेट वाली कार, जारी रह सकता है ATS का ऑपरेशन" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/exclusive-car-without-number-plate-is-parked-at-the-house-of-suspected-terrorist-zeeshan-qamar-in-prayagraj-ats-ann-1968305" target="_blank" rel="noopener">Exclusive: प्रयागराज में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी के घर पर खड़ी है बिना नंबर प्लेट वाली कार, जारी रह सकता है ATS का ऑपरेशन</a></strong><br /><strong><a title="आतंकी साजिश: दो संदिग्ध आतंकी 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेजे गए, कानपुर में छापेमारी जारी" href="https://www.abplive.com/news/india/terrorist-conspiracy-two-suspected-terrorists-sent-to-14-day-police-remand-raids-continue-in-kanpur-1968381" target="_blank" rel="noopener">आतंकी साजिश: दो संदिग्ध आतंकी 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेजे गए, कानपुर में छापेमारी जारी</a></strong></p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/odmHZVWb7ws" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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