Amit Shah On Drugs: ड्रग्स पर रोक को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने किया मंथन, कहा- नशे के खिलाफ अपनाएं जीरो टॉलरेंस नीति

<p style="text-align: justify;"><strong>BJP Meeting On Drugs:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नशीले पदार्थों के समन्वय पर एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय बैठक की अध्यक्षता की. राज्यों में नशीली दवाओं के खतरे पर अंकुश लगाने के लिए अखिल भारतीय पोर्टल, खोजी कुत्तों की एक इकाई, मुफ्त कॉल सेंटर और विशेष कार्यबल बनाने का निर्देश दिया. यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गयी है.</p> <p style="text-align: justify;">शाह ने मादक द्रव्य समन्वय तंत्र (एनसीओआरडी) की तीसरी शीर्ष-स्तरीय बैठक के दौरान देश में मादक द्रव्यों के सेवन के परिदृश्य और इसका मुकाबला करने वाले तंत्रों की समीक्षा की. इसका उद्देश्य ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत देश से नशीली दवाओं का उन्मूलन है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस प्रमुख भी बने बैठक का हिस्सा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बैठक का आयोजन संघीय मादक द्रव्य विरोधी एजेंसी &lsquo;स्वापक नियंत्रण ब्यूरो&rsquo; (एनसीबी) ने किया था और इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र के सचिवों और पुलिस प्रमुखों ने भाग लिया. शाह ने बैठक के दौरान रेखांकित किया कि <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ &lsquo;जीरो टॉलरेंस&rsquo; की नीति अपनाई है और वह नशीली दवाओं के दुरुपयोग को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानती है, जिससे केवल समग्र समन्वय से ही निपटा जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशक में नशीली दवाओं का सेवन करने वालों की संख्या में लगभग सात गुना वृद्धि हुई है, जो चिंताजनक है. बयान में कहा गया है, "उन्होंने (शाह ने) सीमाओं से परे इस समस्या से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र सरकार की एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया. मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी के साथ सभी स्तरों पर नियमित रूप से एनसीओआरडी बैठकें आयोजित करने के महत्व को रेखांकित किया."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3 साल में इतने करोड़ का मादक पदार्थ जब्त</strong></p> <p style="text-align: justify;">बैठक के दौरान साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2018-2021 के बीच 1,881 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किये गये, जो 2011-2014 के बीच जब्त किये गये 604 करोड़ रुपये के मादक पदार्थों से "तीन गुना" से अधिक है. इसमें कहा गया है कि 2018-2021 के बीच करीब 35 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया, जबकि 2011-14 के बीच यह आंकड़ा करीब 16 लाख किलोग्राम का था.</p> <p style="text-align: justify;">मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार चौबीसों घंटे और सातों दिन टोल फ्री नेशनल नारकोटिक्स कॉल सेंटर भी चलाएगी, जहां जनता नशीली दवाओं के मामलों पर इनपुट और जानकारी साझा कर सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><iframe class="abpembed" src="https://www.abplive.com/sharewidget/india.html" width="100%" height="721px" frameborder="0" scrolling="no"></iframe> <iframe class="abpembed" src="https://www.abplive.com/sharewidget/trending.html" width="100%" height="721px" frameborder="0" scrolling="no"></iframe></p>

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Team My Nation News
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