
<p style="text-align: justify;"><strong>Cow Dung Festival:</strong> दीपावली के पर्व को कुछ जगहों पर लोग बड़े ही रोचक अंदाज में मनाते हैं. तमिलनाडु और कर्नाटक बॉर्डर पर गुमतापुरा गांव ( Gumatapura Village) के लोग हर वर्ष एक दूसरे पर गाय का गोबर फेंककर दीपावली के त्योहार को विदाई देते हैं. इसे स्थानीय भाषा में गोरहब्बा उत्सव भी कहा जाता है. बताया जाता है कि गुमतापुरा गांव के स्थानीय लोग दशकों से इस त्योहार को मनाते आ रहे हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>त्योहार के समापन का है प्रतीक</strong><br />बताया जाता है कि गुमतापुरा गांव के रहने वाले कई युवा या फिर बुजुर्ग इस गाय गोबर उत्सव में हिस्सा लेते हैं. इस उत्सव में हिस्सा लेने वाले लोग गांव में गाय रखने वाले लोगों के घरों में जाते हैं और गोबर इकट्ठा करते हैं. इसके बाद कुछ पूजा या स्थानीय रीति रिवाज के साथ गोबर को ट्रैक्टर के जरिए गांव के मंदिर के पास लाया जाता है. फिर गोबर को खुले क्षेत्र में रख दिया जाता है. लोग वहां जमां होते हैं और एक दूसरे पर गोबर फेंकते हैं. काफी देर तक ये सिलसिला जारी रहता है. आप भी वीडियो में देख सकते हैं कि किस तरह से ग्रामीण एक दूसरे पर गोबर फेंक रहे हैं. वो अपने हाथों में गोबर लेकर एक दूसरे पर फेंकते नजर आ रहे हैं. लोग इस उत्सव के दौरान काफी खुश नजर दिख रहे हैं. उत्सव में बच्चे भी शामिल हैं और इसका मजा ले रहे हैं.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Villagers of Gumatapura on the Tamil Nadu-Karnataka border throw cow dung on each other as part of Deepavali celebrations, marking the end of the festival. (06.11.2021) <a href="https://t.co/w1fhrp0na5">pic.twitter.com/w1fhrp0na5</a></p> — ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1457621852986114054?ref_src=twsrc%5Etfw">November 8, 2021</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">बताया जाता है कि ये उत्सव पुरानी परंपरा का एक हिस्सा है. इसे दिपावली त्योहार के एक हिस्से के रुप में मनाया जाता है. इस उत्सव को दीपावली त्योहार के समापन के तौर पर भी देखा जाता है. कहा जाता है कि यहां के लोग ये पर्व कई सालों से मना रहे हैं. इस उत्सव को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. दूसरे राज्यों के लोग भी इस उत्सव को देखने के लिए जमा होते हैं. मान्यता ये भी है कि इस गोबर से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Nawab Malik vs Sameer Wankhede: बहन पर लगे आरोपों से भड़कीं समीर वानखेड़े की पत्नी, बोलीं- नवाब मलिक पर होगी कानूनी कार्रवाई" href="https://www.abplive.com/news/india/nawab-malik-accuses-sameer-wankhede-sister-in-law-of-drug-trafficking-kranti-redkar-hits-back-1994252" target="">Nawab Malik vs Sameer Wankhede: बहन पर लगे आरोपों से भड़कीं समीर वानखेड़े की पत्नी, बोलीं- नवाब मलिक पर होगी कानूनी कार्रवाई</a></strong></p>
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