Earthquake: झारखंड के सिंहभूम जिले में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई तीव्रता

<p style="text-align: justify;"><strong>Earthquake:</strong> झारखंड के सिंहभूम जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक रविवार दोपहर 2 बजकर 22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भूकंप के दौरान ऐसे रखें खुद को सुरक्षित</strong></p> <ul> <li style="text-align: justify;">अगर आप किसी इमारत के अंदर हैं तो फर्श पर बैठ जाएं और किसी मजबूत फर्नीचर के नीचे चले जाएं. यदि कोई मेज या ऐसा फर्नीचर न हो तो अपने चेहरे और सर को हाथों से ढंक लें और कमरे के किसी कोने में दुबककर बैठ जाएं.</li> <li style="text-align: justify;">अगर आप इमारत से बाहर हैं तो इमारत, पेड़, खंभे और तारों से दूर हट जाएं.</li> <li style="text-align: justify;">अगर आप किसी वाहन में सफर कर रहे हैं तो जितनी जल्दी हो सके वाहन रोक दें और वाहन के अंदर ही बैठे रहें.</li> <li style="text-align: justify;">अगर आप मलबे के ढेर में दब गए हैं तो माचिस कभी न जलाएं, न तो हिलें और न ही किसी चीज को धक्का दें.</li> <li style="text-align: justify;">मलबे में दबे होने की स्थिति में किसी पाइप या दीवार पर हल्के-हल्के थपथपाएं, जिससे कि बचावकर्मी आपकी स्थिति समझ सकें. अगर -आपके पास कोई सीटी हो तो उसे बजाएं.</li> <li style="text-align: justify;">कोई चारा न होने की स्थिति में ही शोर मचाएं. शोर मचाने से आपकी सांसों में दमघोंटू धूल और गर्द जा सकती है.</li> <li style="text-align: justify;">अपने घर में हमेशा आपदा राहत किट तैयार रखें.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>आखिर क्यों आता है भूकंप</strong></p> <p style="text-align: justify;">धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है. इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर के नाम से जाना जाता है. ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है. इसे टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है. ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती-डुलती रहती हैं. जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिलने लगती है तो उसे भूकंप कहते हैं. ये प्लेट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं. इसके बाद वह स्थिर रहते हुए अपनी जगह तलाशती हैं इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">भूकंप की तीव्रता का अंदाजा केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है. इन तरंगों से सैंकड़ो किलोमीटर तक कंपन होता है और धरती में दरारें तक पड़ जाती है. अगर भूकंप की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है जिससे भयानक तबाही होती है. लेकिन जो भूकंप धरती की गहराई में आते हैं उनसे सतह पर ज्यादा नुकसान नहीं होता. समुद्र में भूकंप आने पर उंची और तेज लहरें उठती है जिसे सुनामी भी कहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Bhabanipur Bypoll Result: भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की जीत, बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने कही ये बात" href="https://www.abplive.com/news/india/bhabanipur-bypoll-result-bjp-priyanka-tibrewal-reaction-1977083" target="_blank" rel="noopener">Bhabanipur Bypoll Result: भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की जीत, बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने कही ये बात</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Goa Elections: गोवा की राजनीति में TMC और दो क्षेत्रीय दलों की एंट्री, रोचक हुआ चुनावी मुकाबला" href="https://www.abplive.com/news/india/goa-elections-entry-of-tmc-two-new-regional-parties-to-add-spice-to-goa-assembly-polls-1977055" target="_blank" rel="noopener">Goa Elections: गोवा की राजनीति में TMC और दो क्षेत्रीय दलों की एंट्री, रोचक हुआ चुनावी मुकाबला</a></strong></p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/odmHZVWb7ws" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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Team My Nation News
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