Jammu Kashmir News: डल झील में लगी आग से दो हाउसबोट जलकर राख, करोड़ों का नुकसान होने की खबर

<p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;"><strong>Fire In Dal Lake:</strong>&nbsp; श्रीनगर के डलगेट इलाके में डल झील में बुधवार तड़के दो हाउस बोट में आग लगने से दो हाउसबोट के पूरी तरह से जलकर राख होने की खबर है. </span><span style="font-weight: 400;">हालांकि इस घटना से किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है. गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई है जब कश्मीर इन दिनों बारिश और भारी बर्फबारी की चपेट में है.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीआरपीएफ और एसडीआरएफ ने आग पर पाया काबू</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">अधिकारियों के अनुसार बुधवार तड़के डल झील में भीषण आग लग गई थी जिसमें बडियारी परिवार की न्यूजीलैंड और अपोलो इलेवन नाम की दो हाउसबोट क्षतिग्रस्त हो गई हैं. </span><span style="font-weight: 400;">आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख आमिर अली ने बताया कि रात के समय डल झील में घाट नंबर 9 के सामने एक हाउसबोट में आग लग गई. सीआरपीएफ और एसडीआरएफ की नावों के साथ अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों और मशीनरी ने आग पर काबू पा लिया और आग को आसपास की हाउसबोट में फैलने से रोक दिया.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मरम्मत में खर्च होंगे लगभग 4 करोड़ रुपये</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">इस आग में कम से कम दो डीलक्स हाउस बोट (4-स्टार) जल कर राख हो गईं जिस वजह से लगभग 8-10 करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है. </span><span style="font-weight: 400;">कश्मीर हाउसबोट ओनर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता याकूब डुनो ने कहा कि नुकसान लगभग 2.5 करोड़ रुपये प्रति हाउसबोट है और मरम्मत के लिए अब प्रत्येक नाव में अधिकतम 4 करोड़ रुपये खर्च होंगे. </span><span style="font-weight: 400;">उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिए जाने की अपील की है ताकि वह अपनी हाउसबोट का पुनर्निर्माण कर सकें.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भारी बर्फबारी की दी है चेतावनी</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए मध्यम से भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की थी. जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में सड़क और हवाई संपर्क पूरी तरह से ठप होने की संभावना जताई जा रही थी. </span><span style="font-weight: 400;">श्रीनगर में मौसम विभाग के कार्यालय ने कहा कि हिमपात की आशंका के बीच सोमवार को गुलमर्ग और पहलगाम को छोड़कर जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदु से ऊपर दर्ज किया गया था.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">कश्मीर और लद्दाख वर्तमान में 40 दिनों की सबसे कठिन सर्दियों की चपेट में है. जिसे स्थानीय रूप से ‘चिल्लई कलां’ के रूप में जाना जाता है. 21 दिसंबर से शुरू हुआ यह कठोर काल 31 जनवरी को समाप्त होगा. इसके बाद 20 दिन लंबा ‘चिल्लई खुर्द’ और 10 दिन लंबा ‘चिल्ला बच्चा’ होता है. </span><span style="font-weight: 400;">गुलमर्ग के विश्व प्रसिद्ध रिसॉर्ट में पारा शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो मौसम के दौरान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है.</span></p>

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Team My Nation News
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