
<p style="text-align: justify;">रूस और यूक्रेन वॉर को लेकर भारत के रूख पर विदेश मामलों के जानकारों ने अपना पक्ष रखा. विदेश मामलों के जानकार संजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि अमेरिका और रूस दोनों ही भारत के मित्र राष्ट्र हैं. रूस भारत का स्पेशल और प्रिविलेज पार्टनर है. वहीं अमेरिका भी कॉम्प्रिहेन्सिव ग्लोबल पार्टनर है. भारत ऐसे में दोनो के साथ संबंध बना कर रखना चाहेगा. यूक्रेन संकट के संदर्भ में यूएस और रूस में तनाव पैदा हुआ है, इसका भारत के साथ संबंध पर असर न पड़े इसको ध्यान में रखते हुए अनुपस्थित रहने का फैसला किया है. भारत ने इस फैसले को एक्सप्लेन भी किया है. </p> <p style="text-align: justify;">संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि भारत ने स्पष्ट किया है भारत यूक्रेन मामले का समाधान बातचीत के माध्यम से चाहता है. भारत किसी ऐसे प्रयास का समर्थन नहीं करता है, जिसमे हिंसा हो. बातचीत का रास्ता छोड़ा गया है और भारत इसको गलत मानता है. भारत सभी राष्ट्रों की संप्रभुता का समर्थन करता है. ये जो एक्सप्लेनेशन है ये विवेकपूर्ण है, ये बुद्धिमता का निर्णय है. इसे भारत ने अपने राष्ट्र हितों में रखते और विश्व हितों को ध्यान में रखते हुए लिया है. भारत अगर किसी का पक्ष लेता तो इसका नकारात्मक असर किसी भी महाशक्ति के साथ संबंध पर पड़ता.</p> <p style="text-align: justify;">संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि कि भारत अगर किसी का पास पक्ष लेता तो इससे राष्ट्रों के बीच विश्वास का संकट पैदा होता. नए शीतयुद्ध का खतरा जो पैदा होता जा रहा है, उसको इससे बढ़ावा मिलता. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है. उसका जो रुख है, वो हमेशा सकारात्मक रहा है. भारत खाई को पाटना चाहता है. भारत टकराव को खत्म करके संवाद की स्थिति पैदा करना चाहता है, उस लिहाज से भी ये फैसला सकारात्मक है. मेरे विचार से ये विवेकपूर्ण और बुद्धिमता पूर्ण निर्णय है. वो भी एक ऐसे समय जब विश्व में अनिश्चितता बढ़ती जा रही है. महाशक्तियों के बीच विश्वास का संकट गहरा रहा है, ऐसे में भारत चाहेगा की विश्व में खेमेबाजी है वो न हो, विश्व में संवाद हो.</p> <p style="text-align: justify;">विदेश मामलों के जानकार अनिल त्रिगुणायत कहते हैं कि एब्सटेन रहने का फैसला इस वजह से किया गया, क्योंकि भारत की जो बात हो रही है, उसमें पूरा फैक्ट नहीं बताया गया है. एक तरह का एजेंडा है, जो पश्चिमी देशों के जैसा ही होता कि एक-दूसरे को नीचा दिखाना है. भारत इस गेम में नहीं पड़ना चाहता है. भारत चाहता है की डिप्लोमेसी और डायलॉग के साथ ये बात सुलझे, क्योंकि वहां पर सिविलियन कैजुअल्टी हो रही है. वहां 20 हजार भारतीय फंसे हुए है, उनकी सुरक्षा अहम है. </p> <p style="text-align: justify;">अनिल त्रिगुणायत ने कहा कि तीसरी बात मैटर ऑफ प्रिंसिपल की है. यूनाइटेड नेशन में भारत ने कहा की डिप्लोमेसी को पूरा समय नहीं दिया गया और उससे पहले ही रूस ने मिलट्री एक्शन लिया. ये भारत ने रूस को सलाह दी. इससे पहले पीएम मोदी ने पुतिन से बात की और कहा की बताइए क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है. क्योंकि ये बड़ी पावर है और इनके ऊपर जिम्मेदारी भी बड़ी होती है. उनके अपने जिओ पॉलिटिकल इंटरेस्ट होते हैं, सिक्योरिटी इंटरेस्ट होते है. जैसा हमने देखा नाटो का एक्सपेंशन उनका सबसे बड़ा मुद्दा है.</p> <p style="text-align: justify;">अनिल त्रिगुणायत बोले रूस और अमेरिका दोनो के साथ भारत के बहुत अच्छे रिश्ते है, यूक्रेन के साथ भी बाकी देशों के साथ भी अच्छे है. हमारा जो प्रिंसिपल स्टैंड है आज से नहीं है. फिर चाहे लीबिया में अमेरिका का इंटरवेंशन हो, नाटो हो, या फिर इराक में या जॉर्जिया में भारत का स्टैंड. मिलट्री इंटरवेंशन नहीं होना चाहिए. ये बात सारे देश समझते है. चीन हमारे यहां अंदर चला आया. उसके साथ भी हम डिप्लोमेसी और डायलॉग कर रहे है. हम कह ही नहीं रहे हैं, करते भी है. मुझे नहीं लगता कि इससे रिश्ते खराब होंगे. अगर होते है और अगर वो हमारी बात को नहीं समझ पाते हैं तो उनको ये सोचना चाहिए कि भारत आज की तारीख में दोनों के साथ रिश्ते अच्छे होने की वजह से उनका वार्ताकार बन सकता है, क्योंकि ज्यादा समस्या गलतफहमी, अविश्वास और सुरक्षा के कंसर्न के कारण हुई है. </p> <p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/news/world/russia-ukraine-war-vladimir-putin-russian-defence-ministry-said-only-infrastructure-sites-of-ukrainian-armed-forces-are-being-targeted-2070226">Russia Ukraine War: रूसी रक्षा मंत्रालय ने रिहाइशी बिल्डिंग पर अटैक के दावे को किया खारिज, जानें क्या कहा</a></strong></p> <p><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/russia-ukraine-war-indian-students-stuck-in-kharkiv-metro-station-demands-help-2070244">Russia Ukraine War: मेट्रो स्टेशन में फंसे 160 भारतीय छात्र, abp न्यूज़ से बोले- पोलैंड-हंगरी बॉर्डर पहुंचना नामुमकिन, माहौल बहुत खराब</a></strong></p>
About the Author

Latest entries
GAUTAM BUDDHA NAGARApril 22, 2026नोएडा: डीएम मेधा रूपम ने ESIC अस्पताल सेक्टर-24 का किया निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
BIOGRAPHYApril 2, 2026Zoya Rathore: भारत की नंबर वन एडल्ट कंन्टेंट स्टार, जानें फुल बायोग्राफी..
BIOGRAPHYApril 1, 2026Tejaswini Prabhakar Gowda कौन है ये तेजी से पॉपुलर हो रहीं एडल्ट वेबसीरीज ऐक्ट्रेस? पढ़ें पूरी बायोग्राफी..
BUSINESSMarch 30, 2026iPhone 18 Pro सीरीज़ जल्द होगा लॉन्च! डिजाइन, फीचर्स, कीमत और लॉन्च डेट का बड़ा अपडेट






