Trauma Center: राज्य मानवाधिकार आयोग ने ट्रामा सेंटर की आपात सेवा मामले में का कार्यवाही का आदेश दिया

मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने ट्रामा सेंटर (Trauma Center) को लेकर की थी शिकायत

सुलतानपुर। ट्रामा सेंटर (Trauma Center) सुलतानपुर में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने का मामला राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया है। और जिलाधिकारी को मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्यवाही करने का आदेश दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने ट्रामा सेंटर (Trauma Center) निर्माण हुए पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी आपातकालीन सेवा न शूरु होने की शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग में की थी।

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बताते चले कि हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल को त्वरित व बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2013- 14 में सुलतानपुर जिले में मिनी ट्रामा खोलने की योजना बनाई गई थी। तत्कालीन सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद लखनऊ – वाराणसी राष्ट्रीय राज्यमार्ग के किनारे अमहट में जून 2015 में ट्रामा सेंटर (Trauma Center) भवन तैयार होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित किया गया।

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अभिषेक सिंह का कहना है कि इस ट्रामा सेंटर में मेडिकल कालेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमे छः अत्याधुनिक बेड वाला सर्जिकल आईसीयू व दो वेंटिलेटर की व्यवस्था है। ऑपरेशन थियेटर में दो मरीज की एक साथ सर्जरी की जा सकती है। ओटी में दिन जैसे प्रकाश के लिए हाई फाई एलईडी लाइट लगाई गई है। जांच के लिए सीटीस्केन व डिजिटल एक्सरे मशीन उपलब्ध है।

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अभिषेक सिंह का कहना है कि पिछले करीब एक साल से लगातार शासन प्रशासन से ट्रामा सेंटर में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने के लिये पत्रव्यवहार चल रहा है। कई बार प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई। परन्तु कोई सुनवाई नही हुई। केंद्र स्वास्थ्य मिनिस्ट्री मामले को विभिन्न चरणों से होते हुए राज्य सरकार को सौंप देती है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नही देते है। जिला प्रशासन कहता है कि शासन प्रशासन से चिकित्सको की मांग की गयी है जैसे ही चिकित्सक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे तुरन्त आपात सेवा आरम्भ कर दी जाएगी।

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